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O Bekhabar O Bekadar

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Lyrics

ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर, बेताबियों को ना बढ़ा आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर, बेताबियों को ना बढ़ा आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा कैसा नशा मुझ पे चढ़ा, कैसा नशा मुझ पे चढ़ा मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा (मुझ पे चढ़ा) कैसा नशा मुझ पे चढ़ा, कैसा नशा मुझ पे चढ़ा मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा (मुझ पे चढ़ा) ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर बेताबियाँ, बेचैनियाँ हैं जवाँ मेरी नज़र ढूँढे तुझे, तू कहाँ? आ, तुझको मैं आँखों का काजल बना लूँ ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर बेताबियाँ, बेचैनियाँ हैं जवाँ चाहूँगी मैं यूँ ही तुझे बेपनाह आ, तुझको ख़ुशी सा लबों पे सजा लूँ ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर, बेताबियों को ना बढ़ा आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा कैसा नशा मुझ पे चढ़ा, कैसा नशा मुझ पे चढ़ा मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा, मुझ पे चढ़ा (मुझ पे चढ़ा) (कैसा नशा मुझ पे चढ़ा, कैसा नशा मुझ पे चढ़ा) रूप हूँ, तेरी धूप हूँ, तू सूरज है मन का मेरे या घनी मैं हूँ रोशनी, अब चलती हूँ, ढलती हूँ तुझको ही थामे रे "इक पहर," तू कहे, "ठहर", तो जाऊँ ना दर से तेरे हर घड़ी मुश्किलों-भरी क्यूँ लगती है जो भी गुज़रती है बिन तेरे? तू मिले तो सिलसिले हों वो शुरू, जो है ख़ुदा की रज़ा तेरे बिना है ज़िंदगी बे-मज़ा तू मिल जाए तो मैं जहाँ से छुपा लूँ ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर बेताबियाँ, बेचैनियाँ हैं जवाँ मेरी नज़र ढूँढे तुझे, तू कहाँ? आ, तुझको मैं आँखों का काजल बना लूँ ओ, बेख़बर हो, प्यार भी यूँ कभी-कभी कर देता परेशानियाँ हर जगह वो ही वो लगे, वो आशिक़-अनाड़ी जो दिल दे के लेता जाँ पास भी, हो वो दूर भी, ये क्यूँ हो, वो बतलाए ना दिल डरे, मिन्नतें करे, अब उसको ये बोलो कि आए तो जाए ना दे बता 'गर हो पता क्या है यही दिल की ख़ता की सज़ा? ख़ुद में ही मैं होती हूँ क्यूँ लापता? मैं जानूँ ना, इस दिल को कैसे सँभालूँ ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर बेताबियाँ, बेचैनियाँ हैं जवाँ मेरी नज़र ढूँढे तुझे, तू कहाँ? आ, तुझको मैं आँखों का काजल बना लूँ ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर, बेताबियों को ना बढ़ा आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा ओ, बेख़बर, ओ, बेक़दर, बेताबियों को ना बढ़ा आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा (कैसा नशा मुझ पे चढ़ा, कैसा नशा मुझ पे चढ़ा) (आ देख ले, है प्यार का कैसा नशा मुझ पे चढ़ा)