Skip to content
Lyric
Dive
Public playlists
My playlists
Search
Sign in
Ilzaam Mohabbat Ka
JalRaj
Popularity · Low
+
🇮🇳 Hindi · Original
0
0
YouTube
Searching YouTube...
Lyrics
Original
Translation
Bilingual
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
आँखों से ज़हेर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
आँखों से जेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
की आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
ये राज़ हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
ये राज हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
आँखों से ज़ेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नियत का पता होता
एक घूंट नहीं भरते