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Makafat-E-Amal

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Lyrics

रात के साढ़े चार अन्ना सर पे सवार ओवरटेक करते कोई तो पेशुरू साथी खार घर पे माँ भी बीमार कॉले आ रही लगातार घर पे जल्दी आजा बेटा सुबह जाना है हमें बाहर बस पाँच मिनट दस मिनट टाल रहा मैं बात ये हम चार बजे रोल करने दो दरिया जा रहे घर छोड़ दे जानी आज सीन मेरा ऑफ है पर बोलूं ये कैसे भरम टूटने का खौफ है अमीरों का शहर है गरीबों की खैर है हवा में इंसाफ नहीं बस ऐसा ये शहर है हमारे लिए डर था इलाका भी गैर था चोट या मौत अगर पाँच मिनट भी ठहरता अकड़ में रगड़ दे लड़के सब कट्टर से चक् कर में पड़ते नहीं सर खुलते पत्थर से घर वाले शक करते ट्रिपल पे सत्तर पे अन्ना को ठेस पहुंचे हम भी पे टक्कर दे वापूची फ्लाइटों पे दो तीन गाड़ी ढाले में मुँह मारी शुरू तो रगड़े में डालेंगे डैशबोर्ड में क्रिस्टल हाथों में पिस्टल थाने में सेटिंग वो जान ले के ही मानेंगे कटने का सी न करो लड़ना नहीं है पीछे हटने का सीन आगे बढ़ना नहीं है अबे छोड़ अलीम छोड़ इनसे डरना नहीं है मु झपे घर की जिम्मेदारी मुझे मरना नहीं है वो पावर में तगड़े हम मौत को चख रहे माजरे पे बात आ गई कॉम्प्रो में नखरे गलती पे हो के भी गालियां वो बक रहे खुदा तू आज रात बस लाज मेरी रख ले ठोकर तो पड़नी थी ठोकर तो लाजमी थी ठोकर नहीं पड़ती तो अकल नहीं आनी थी कितनों को माजी में लिया था रगड़े में मक्काफते अमल सही मायने में चख रहे थे कौन से कांटेक्ट और पे कौन सी प्यार कौन किसका दोस्त और कौन किसका यार इर्द गिर्द गंदगी देखे बदलते हुए रंग देखे उस दिन से पसंद मुझे चार दीवार शहर में मुखबर जाल बिछाया खबरी यूनिटी गायब और लड़ के सब खबरी हम हक पे है लड़कों कोई बात नहीं ये रिस्की पर पैसो ं के आगे इंसानियत ही पिस्ती इंसानियत ही बिकती है कायद के आगे हम उस रात शहर में सिर्फ वाहिद थे जागे सलामत घर पहुंचा मा ं पढ़ रही रकातें मां अफसोस करता देख कर ये शहर के खाके सीधी बात मुंह पे हाथ पर्दाफाश टेढ़ी बात मुंह पे लात हवालात साढ़े चार पो पो भार सवालात बड़ा बाप कॉल पे साहब चालान माफ एतराज क्यों कि घंटा इंसाफ मुझे माफ करने वाला सबसे खास बाकी सब जिंदा लाश बाकी गवाह इतिहास जिसने करी है भलाई वो तो जिंदा ही नहीं आज इस गाने के बाद शायद जिंदा ना रहूं तू गवाह बस रहना मैं बा त ये जो कहूं पले बढ़े हम भी इन सड़कों पे जानी कितनों का बहता हुआ दे खा है लहू मैं आज कुछ ना कहूं तो कल कौन कहेगा ज्यादती हुई सामने तू चु प ही रहेगा तो कैसे तू देखता है कल अपना अच्छा जब बदमाशी कर रहा है आठ सा ल का बच्चा मेरे साथ मत खेल मैं पला बड़ा यहीं पर जाके तू स्ट्रीट्स भे जे बैठता था वहीं पर अपने ही हाथों ये लेते पड़ी लकड़ी फिर कहते हैं जा नी तू ऐसा तो नहीं कर अब बोल लड़के आंखें खोल लड़के तूने कमाए क्यों पै से वो झोल करके अब बोल लड़के बातें गोल करके तूने बिताई ये रातें क्यों रोल करके राज खोल लड़के तेरी सोल भड़के जब भी निकलता हाईवे तू टोल भर के मुझे खौफ करके देती रोज सड़कें फिर भी बैठ कर उस चटर को क्लोज करते बेटा बाप पे नहीं तेरे कोई लाखों के चेक जीटीए नहीं दुनिया है चलता नहीं हैक देख के यू खुश मुझे जमाना जलता है चलाना है घर तो कमाना तो पड़ता है हर एक बार में स्पिट कर आ फैक्ट चारों ही एंगल से लड़के ये वेट सो जा तू अभी या ले ले तू नैप फिर उठ के तू लेना ये रियलिटी चेक