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Alakh Niranjan (Aadesh Hanuman)
Bhakti Guru, Brahmins, Seven
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🇮🇳 Hindi · Original
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Lyrics
Original
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Bilingual
ॐ, गुरु जी को आदेश, गुरु जी को प्रणाम
वीर हनुमान, राम के दूत, माता अंजनी के पूत
महाबली, शूरवीर, १२ वर्ष का जवान
हाथ में लड्डू, मुख में पान
खेल-खेल के लंका के चौगान
आओ, आओ, वीर हनुमान
पवन वेग से आओ, मेरे काज सँवारो
सात समुद्र लाँघ के आओ, लंका जारि भस्म कर आओ
सिया सुध लाए, लक्ष्मण के प्राण बचाए
भूत मारो, प्रेत मारो, डाकिनी मारो, शाकिनी मारो
जिन्न मारो, खबीस मारो, चुड़ैल मारो, मसान मारो
काल को कीलो, कंटक को कीलो
नौ खंड के भूत-प्रेत को कीलो
आगे अर्जुन, पीछे भीम
जहाँ-जहाँ जाऊँ, तहाँ-तहाँ वीर हनुमान सहाई
मार-मार, हुंकार मार, गदा की मार
जो मेरी बात ना माने, जो मेरा काज ना करे
तो दुहाई राजा रामचन्द्र जी की, दुहाई माता जानकी की
दुहाई महादेव शिव-शंकर की, दुहाई माता अंजनी की आन
लोहे की कोठरी, ताँबे का ताला
मेरी रक्षा करे वीर बजरंग बाला
शब्द साँचा, पिंड काँचा, फ़ूरों मंत्र ईश्वरो वाचा
सत्य नाम आदेश गुरु का! ॐ फट् स्वाहा!
ॐ
गुरु जी को आदेश, गुरु जी को प्रणाम
वीर हनुमान, राम के दूत, माता अंजनी के पूत
महाबली, शूरवीर, १२ वर्ष का जवान
हाथ में लड्डू, मुख में पान
खेल-खेल के लंका के चौगान
आओ, आओ, वीर हनुमान
पवन वेग से आओ, मेरे काज सँवारो
सात समुद्र लाँघ के आओ, लंका जारि भस्म कर आओ
सिया सुध लाए, लक्ष्मण के प्राण बचाए
भूत मारो, प्रेत मारो, डाकिनी मारो, शाकिनी मारो
जिन्न मारो, खबीस मारो, चुड़ैल मारो, मसान मारो
काल को कीलो, कंटक को कीलो
नौ खंड के भूत-प्रेत को कीलो
आगे अर्जुन, पीछे भीम
जहाँ-जहाँ जाऊँ, तहाँ-तहाँ वीर हनुमान सहाई
मार-मार, हुंकार मार, गदा की मार
जो मेरी बात ना माने, जो मेरा काज ना करे
तो दुहाई राजा रामचन्द्र जी की, दुहाई माता जानकी की
दुहाई महादेव शिव-शंकर की, दुहाई माता अंजनी की आन
लोहे की कोठरी, ताँबे का ताला
मेरी रक्षा करे वीर बजरंग बाला
शब्द साँचा, पिंड काँचा, फ़ूरों मंत्र ईश्वरो वाचा
सत्य नाम आदेश गुरु का! ॐ फट् स्वाहा!
ॐ
गुरु जी को आदेश, गुरु जी को प्रणाम
वीर हनुमान, राम के दूत, माता अंजनी के पूत
महाबली, शूरवीर, १२ वर्ष का जवान
हाथ में लड्डू, मुख में पान
खेल-खेल के लंका के चौगान
आओ, आओ, वीर हनुमान
पवन वेग से आओ, मेरे काज सँवारो
सात समुद्र लाँघ के आओ, लंका जारि भस्म कर आओ
सिया सुध लाए, लक्ष्मण के प्राण बचाए
भूत मारो, प्रेत मारो, डाकिनी मारो, शाकिनी मारो
जिन्न मारो, खबीस मारो, चुड़ैल मारो, मसान मारो
काल को कीलो, कंटक को कीलो
नौ खंड के भूत-प्रेत को कीलो
आगे अर्जुन, पीछे भीम
जहाँ-जहाँ जाऊँ, तहाँ-तहाँ वीर हनुमान सहाई
मार-मार, हुंकार मार, गदा की मार
जो मेरी बात ना माने, जो मेरा काज ना करे
तो दुहाई राजा रामचन्द्र जी की, दुहाई माता जानकी की
दुहाई महादेव शिव-शंकर की, दुहाई माता अंजनी की आन
लोहे की कोठरी, ताँबे का ताला
मेरी रक्षा करे वीर बजरंग बाला
शब्द साँचा, पिंड काँचा, फ़ूरों मंत्र ईश्वरो वाचा
सत्य नाम आदेश गुरु का! ॐ फट् स्वाहा!