Skip to content

Main Ek Sadi Se Baithi Hoon

Popularity · Low

YouTube

Searching YouTube...

Lyrics

मैं एक सदी से बैठी हूँ मैं एक सदी से बैठी हूँ इस राह से कोई गुज़रा नहीं कुछ चाँद के रथ तो गुज़रे थे कुछ चाँद के रथ तो गुज़रे थे पर चाँद से कोई उतरा नहीं मैं एक सदी से बैठी हूँ मैं एक सदी से बैठी हूँ दिन-रात के दोनों पहिये भी कुछ धूल उड़ा कर बीत गए, बीत गए दिन-रात के दोनों पहिये भी कुछ धूल उड़ा कर बीत गए मैं मन आँगन में बैठी रही मैं मन आँगन में बैठी रही चौखट से कोई गुज़रा नहीं मैं एक सदी से बैठी हूँ मैं एक सदी से बैठी हूँ आकाश बड़ा बूढ़ा बाबा सब को कुछ बाँट के जाता है, जाता है आकाश बड़ा बूढ़ा बाबा सब को कुछ बाँट के जाता है आँखों को निचोड़ा मैंने बहुत आँखों को निचोड़ा मैंने बहुत पर कोई आँसू उतरा नहीं मैं एक सदी से बैठी हूँ मैं एक सदी से बैठी हूँ