Skip to content
Lyric
Dive
Public playlists
My playlists
Search
Sign in
Aadat
Talhah Yunus
Popularity · Low
+
🇮🇳 Hindi · Original
0
0
YouTube
Searching YouTube...
Lyrics
Original
Translation
Bilingual
फ़ासले बढ़ते गये
चेहरे ये पढ़ते रहे
बाहों में लिए इन ख्वाबों को
इन काँटों पे चलते रहे
ज़ख़्म खुद भरते रहे
लहरों से करते गीले
डूबे है सिर्फ़ तेरी खातिर हम
वो जाम आयेज करते रहे
लहज़े तो काफ़ी हैं
शायद तेरे आदि हैं
समंदर ये लफ़्ज़ों का जैसे
वो बहते हुए साक़ी हैं
तू लहू भी राग राग से वाक़िफ़ भी
जज़्बे रघबात से ताक़त भी
हिक़मत भी है और नज़ाकत भी
नज़ाने तू कितनो की चाहत थी
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
लगे सब बनावटी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी
क्या ये जशन मेरी हार का है
सारे लोग मुझसे खार खाए
क्या ये ख्वाहिशों का मार्का है
या असर तेरा ज़हर का है
वोही गीले वोही शिकवे
बेक़ारारी जब ना दिखते
तेरे हुस्न की तारीफों मैं ही बिखरे
दिल काश दिल नशीन क्या क्या लिखते
शमैन आधी हो चुकी, वो बातें याद रही
क्या करूँ तेरे लिए मैं बात बड़ी
दिन तो गुज़र जाते लगती हर एक रात बड़ी
जलाते हैं इस ज़माने को वो आग भारी
ाश्क़ों से दरिया ये भर गये
समझे हम लहरों से दर गये
ना चाहते हुए भी बिच्छाद गये
फिर से तुम मुँह पे मुक़र गये
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
लगे सब बनावटी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
लगे सब बनावटी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी
मुझे तेरी आदत सी
ले डूबी ये चाहत ही
मुझे तेरी आदत सी