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Mehngai Mar Gayee
Lata Mangeshkar
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🇮🇳 Hindi · Original
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Bilingual
उसने कहा, "तू कौन है?", मैंने कहा, "उलफ़त तेरी"
उसने कहा, "तू कौन है?", मैंने कहा, "उलफ़त तेरी"
उसने कहा, "तकता है क्या?", मैंने कहा, "सूरत तेरी"
उसने कहा, "चाहता है क्या?"
उसने कहा, "चाहता है क्या?", मैंने कहा, "चाहत तेरी"
मैंने कहा, "समझा नहीं", उसने कहा, "क़िस्मत तेरी"
एक हमें आँख की लड़ाई मार गई
दूसरी ये यार की जुदाई मार गई
तीसरी हमेशा की तन्हाई मार गई
चौथी ये ख़ुदा की ख़ुदाई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
एक हमें आँख की लड़ाई मार गई
दूसरी ये यार की जुदाई मार गई
तीसरी हमेशा की तन्हाई मार गई
चौथी ये ख़ुदा की ख़ुदाई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
तबियत ठीक थी और दिल...
तबियत ठीक थी, हाँ, तबियत ठीक थी
तबियत ठीक थी, हाँ-हाँ, तबियत ठीक थी और दिल भी
हाँ-हाँ, दिल भी, अजी, दिल भी बेक़रार ना था
ओ, तबियत ठीक थी और दिल भी बेक़रार ना था
ये तब की बात है, हाँ-हाँ, बात है
ये तब की तब की, ये तब की, हाँ-हाँ
तबियत ठीक थी और दिल भी बेक़रार ना था
ये तब की बात है, जब किसी से प्यार ना था
जब से प्रीत सपनों में समाई मार गई
मन के मीठ दर्द की गहराई मार गई
नैनों से ये नैनों की सगाई मार गई
सोच-सोच मीत सोच आई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
अरे, बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
कैसे वक़्त में, हाय-हाय, कैसे वक़्त में
कैसे वक़्त में..., हाय
कैसे वक़्त में आके दिल को दिल की लगी बीमारी
कैसे वक़्त में...
कैसे वक़्त में आके दिल को दिल की लगी बीमारी
महँगाई के दौर में हो गई महँगी यार की यारी
कैसे वक़्त में...
दिल की लगी दिल को जब लगाई मार गई
दिल ने दी तो प्यार की दुहाई मार गई
दिल की बात दुनिया को बताई मार गई
और दिल की बात दिल में जो छुपाई मार गई
बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
अरे, बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
ओ, पहले मुट्ठी ਵਿੱਚ पैसे लेकर...
पहले मुट्ठी में पैसे लेकर थैला-भर शक्कर लाते थे
अब थैले में पैसे जाते हैं, मुट्ठी में शक्कर आती है
हाय, महँगाई, महँगाई, महँगाई, महँगाई
दुहाई है, दुहाई है, दुहाई है, दुहाई
तू कहाँ से आई? तुझे क्यों मौत ना आई?
हाय, महँगाई, महँगाई, महँगाई, महँगाई
शक्कर में ये आटे की मिलाई मार गई
Powder वाले दूध दी मलाई मर गई
Ration वाली line की लंबाई मर गई
व्यंग्य का जो तीखी चिल्लाई मार गई
बाक़ी कुछ बचे या महँगाई मार गई, महँगाई मार गई
अरे, बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई मार गई
ग़रीब को तो बच्चे की पढ़ाई मार गई (पढ़ाई मार गई)
बेटी की शादी और सगाई मार गई (सगाई मार गई)
किसी को तो रोटी की कमाई मर गई
कपड़े की किसी को सिलाई मार गई
किसी को तो रोटी की कमाई मर गई
कपड़े की किसी को सिलाई मार गई
हो, किसी को मकान की बनवाई मार गई
जीवन दे बस तीन निशान: रोटी, कपड़ा और मकान
(रोटी, कपड़ा और मकान)
(रोटी, कपड़ा और मकान)
ढूँढ-ढूँढ के हर इंसान...
ढूँढ-ढूँढ के हर इंसान खो बैठा है अपनी जान
जो सच-सच बोला तो सच्चाई मार गई
सच्चाई मार गई, सच्चाई मार गई
और बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई मार गई
और बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई मार गई
(बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई मार गई)
(बाक़ी कुछ बचा तो महँगाई मार गई, महँगाई मार गई मार गई)