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ZAALIM
Badshah
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🇮🇳 Hindi · Original
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पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रही किसी काम की, ज़ालिम
नहीं कोई फ़िकर मुझको
किसी अंजाम की, ज़ालिम
गिनूँ साँसें, जपूँ माला
मैं बस तेरे नाम की, ज़ालिम
पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रही किसी काम की, ज़ालिम
पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रहीं किसी काम की, ज़ालिम
नहीं कोई फ़िकर मुझको
किसी अंजाम की, ज़ालिम
गिनूँ साँसें, जपूँ माला
मैं बस तेरे नाम की, ज़ालिम
पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रही किसी काम की, ज़ालिम
ओ, री, छोरी, तेरी body
हाथ लगा के देखा नरम बड़ी
Hundred degree, hundred degrees
गरम बड़ी, करमजली
पगली ये trip ही अलग है
Mind में लगा मेरे chip ही अलग है
एक बार जो थामूँ तेरा हाथ तो छूटेगा नहीं
मेरी grip ही अलग है (umm)
तू हद से बाहर जा रही है
मैं हद पार नहीं करना चाहता
बाक़ी कुछ भी करवाले तू
मुझे प्यार नहीं करना आता
तुझको बुलाती हूँ, तू आए क्यूँ ना?
सावन है, फिर भी बादल छाएँ क्यूँ ना?
दहलीज़ मेरी पर तू एक बार क़दम रख दे
मुझको ना और तड़पा, आ काम ख़तम कर दे
तुझे पागल बना दूँगी, नशा ऐसा चढ़ा दूँगी
ज़रूरत अब नहीं तुझको किसी भी जाम की, ज़ालिम
पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रही किसी काम की, ज़ालिम
नहीं कोई फ़िकर मुझको
किसी अंजाम की, ज़ालिम
गिनूँ साँसें, जपूँ माला
मैं बस तेरे नाम की, ज़ालिम
पड़ी तेरे इश्क़ में जब से
ना रही किसी (it's your boy, Badshah)
ना रही किसी काम की, ज़ालिम (ay)
ना रही किसी काम की, ज़ालिम (ay)
ना रही किसी काम की, ज़ालिम (ay)
ना रही किसी काम की, ज़ालिम (ay, ay, ay)