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Atrangi Kissa
Gandhharv Sachdeva
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🇮🇳 Hindi · Original
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Original
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Bilingual
Hello, hello, hello, check, check, check
One, two, three, one, two, three
Cola ਦੇ ਨਾਲ popcorn free (फ़ुकरे, फ़ुकरे)
आ जाओ, कहानी सुनाता हूँ, आ जाओ (फ़ुकरे, फ़ुकरे)
चार, तीन, दो, एक, 'Rica फ़ुकरों का देश (फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे)
Mobile छोड़, screen पे देख, ah-ha (फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे)
चार फ़ुकरे जमना-पारी (हाँ जी), छः superman पे भारी (हाँ जी)
देख के Sapna lottery; खेले, जीते बारी-बारी
पंडित जी ने Bholi को ये God gift चिपकाया
Bholi पे लट्टू Chooche ने सपना ग़लत सुनाया (अरे-अरे-अरे-अरे)
Drugs की गोली, आँख-मिचौली, पीछे system, आगे Bholi, हाए
हटी फ़ुकरों की लाचारी, आई God gift की बारी
(फ़ुकरे, ए फ़ुकरे, फ़ुकरे, ए फ़ुकरे)
(फ़ुकरे, ए फ़ुकरे, फ़ुकरे, ए फ़ुकरे)
Chooche को सपना आया (हाँ जी), Hunny को number पाया (हाँ जी)
Zafar भाई के idea ने police को साथ मिलाया
फिर मंत्री जी ने Bholi को Tihar का gate दिखाया
(Tihar का gate दिखाया, Tihar का gate दिखाया, तेरी) ओ, तेरी
Happy ending की ख़ुशियाँ छूमंतर होने वाली थी
फ़ुकरों की क़िस्मत Bholi part-2 में धोने वाली थी
(फुक-फुक-फ़ुकरे, फुक-फुक-फ़ुकरे)
(फुक-फुक-फुक-फुक-फुक-फुक-फुक-फुक)
Bholi ने phone लगाया (फिर?), Babulal पटाया (फिर?)
मंत्री जी ने Bholi को फिर पिंजरे से उड़वाया (अच्छा!)
बन गई Bholi चण्डी (हैं!), फ़ुकरों ने लगाली मण्डी
Line में लग के दिल्ली ने सपने पे दाँव लगाया
ओ तेरी! फिर क्या हुआ?
फिर क्या, Babulal के हुकुम ने lottery का number पलटाया (हौ!)
हाँ! डर-डर के फ़ुकरे भागे, public ने खोले धागे
(अरे, जल्दी बताओ आगे) ले सुन
(फ़ुकरे, ए फ़ुकरे, फ़ुकरे, ए फ़ुकरे)
(फ़ुकरे, ए फ़ुकरे, फ़ुकरे, ए फ़ुकरे)
ओ, Chooche की खुल गई खिड़की, déjà-chu उड़ता आया
शेर, गुफा, जंगल, ख़ज़ाना, सबका फिर future दिखलाया
(आ-हा) ख़ज़ाना हाथ जो आया, (आ-हा) उसपे था scam का साया
(आ-हा) CM से मिलके Bholi ने मंत्री को जेल भिजवाया
Bholi ने power चख ली, राजनीति जेब में रख ली
फ़ुकरों ने खेली बाज़ी, किया CM साहब हो राज़ी
इनाम के तौर पे मिल गई, भैया, Janta Store की चाबी
(अरे, चाबी, चाबी, चाबी, Janta Store की चाबी)
तो साहेबान, क़दरदान, ये थी अब तक की कहानी (फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे, फ़ुकरे)
शुरू करते हैं अब तीसरी किश्त, फ़ुकरों की ज़ुबानी
(हाँ)