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Shyamal Sanware
Sonu Nigam
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🇮🇳 Hindi · Original
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सखी, श्याम से नज़रिया मैं ना मिलाऊँगी, मैं ना मिलाऊँगी
मिली जो नज़रें तो मैं श्याम हो जाऊँगी, श्याम हो जाऊँगी
सखी, श्याम से नज़रिया मैं ना मिलाऊँगी, मैं ना मिलाऊँगी
मिली जो नज़रें तो मैं श्याम हो जाऊँगी, श्याम हो जाऊँगी
मन पे ना बस अगर, सुन गोरी
छलकेगी रस-गगर अब तोरी
लागी जो सीने अगन, क्यूँ ना तू वो बुझाए?
जाने, ये जग जाने, "कान्हा-कान्हा" हो गई रे
श्यामल साँवरे, मैं परूँ पाँव रे
मोहन, मोह के खेल ना दाँव रे
तन पे डार ना तन की छाँव रे
प्रेम अगन लागी, मोहे छोर
प्रेम का पंछी पंख पसारे, काहे लजाए, हाय?
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
जबर-जोरी करे, पकर बैयाँ धरे
टूट गई अँगियाँ की डोरी, रसिया
कान्हा, आए रे, मोहे लाज आए
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
ओ-ओ-ओ-ओ-ओ, चंचल रूप शहद के जैसा, काहे ना भँवरा आए?
गोरी, रूप-कलश ये तेरा, छलक-छलक जाए
नैना तूने, बैरी, मोरे पे टिकाए
मन धड़काए, साँस ना आए
हो-हो-ओ, खोल अधर के द्वार जरा से
मितवा, ये मन माने ना
तड़प नहीं रे, छू ना कमर मोरी
हाय, बैरी, तू है मेरी, मोह में भीगी, पिया
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
जबर-जोरी करे, पकर बैयाँ धरे
टूट गई अँगियाँ की डोरी, रसिया
कान्हा, काहे रे मोहे लाज आए
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
यमुना मैया कारी-कारी, राधा गोरी
वृंदावन में धूम मचावे बाँकी छोरी
ब्रज धाम राधा जूँ की रजधानी लागे
वृषभानु की रानी गुड़-धानी लागे
मीठे रस से भरियो रे राधा रानी
पटरानी, महारानी, जमुना के तट पर आ
ओ-ओ-ओ-ओ-ओ, नीली हो गई मोरी कलाई, काहे मरोरी तूने?
आधी रैन रिहाई ना होगी, रस्ते हैं सूने
उँगली से अपनी पीठ पे मोरी
लिख-लिख न रे कामना तोरी
हो-ओ-ओ, एक है आधा चाँद गगन पे
इक पूरा मोरे सामने
प्रेम भी होता है साधना ही
आजा करें, जा रे परे, बोल, क्या बोले हिया?
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
जबर-जोरी करे, पकर बैयाँ धरे
टूट गई अँगियाँ की डोरी, रसिया
कान्हा, काहे रे मोहे लाज आए
कान्हा, काहे तू मोहे रे सताए?
सखी, श्याम से नज़रिया मैं ना मिलाऊँगी, मैं ना मिलाऊँगी
मिली जो नज़रें तो मैं श्याम हो जाऊँगी, श्याम हो जाऊँगी
मन पे बस ना अगर, सुन गोरी
छलकेगी रस-गगर अब तोरी
लागी जो सीने अगन, क्यूँ ना तू वो बुझाए?
लागी जीवन जा लगे, राधा से रसिया लगे
जाने, ये जग जाने, "कान्हा-कान्हा" हो गई रे