Skip to content
Lyric
Dive
Public playlists
My playlists
Search
Sign in
Hamari Hi Mutthi Mein, Pt. 1
Manna Dey
Popularity · Moderate
+
🇮🇳 Hindi · Original
0
0
Listen
YouTube
1
2
3
0:00 / 0:00
Loading YouTube player...
Lyrics offset
Synced
Lyrics
Original
Translation
Bilingual
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
किसने लिखी हैं नहीं जानना है
(हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी)
(किसने लिखी हैं नहीं जानना है)
सुलझाने उनको न आएगा कोई
समझना हैं उनको, ये अपना करम है
अपने करम से दिखाना है सबको
खुद का पनपना, उभरना है खुदको
अँधेरा मिटाएँ जो नन्हा शरारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हमारे पीछे कोई आए ना आए
हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है
(हमारे पीछे कोई आए ना आए)
(हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है)
जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
उन्ही रास्तों को बनाना हमें हैं
जो भी साथ आए उन्हें साथ ले ले
अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
सुलगा के खुद को मिटा ले अँधेरा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)