Inaam
Song, Anuv Jain
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Lyrics
मालूम है ना हम जाने तुमको तुमसे ज़्यादा
तुमको मिला है वो साले से जो भी है मांगा
कैसे खिलौनों की रो-रो के करते थे माँगे
इक बार मिल जाए दो दिन में ही भूल जाते
लेकिन खिलौनों के दिल तो होते ही नहीं थे
दिल तो हमारा है जाने गलत क्या सही है
कितना थे चाहते पर अब तुमको याद ना आते हम
क्या याद तुमको तुम हमको इनाम थे कहते?
करते थे कितना कुछ पाने की चाह में पहले
अब यह इनाम का तुम पे इलज़ाम है जानाँ
दिल है गवाह जीते जबसे हो तुमको है हारा
चीज़ें बदलती हैं इतना हमने भी माना
इतना बदल जाओगे जाना किसने था जानाँ
जो थे परवाना अब उसको हमारी परवाह ना क्यों?
दिल में बात क्या है? हाँ बोलो हमसे
चाहता और क्या है? हाँ बोलो हमसे
क्या कमी यहाँ है? हाँ बोलो हमसे ना
जो कहा मिला है, हाँ बोलो हमसे
बदल में भला है, हाँ बोलो हमसे
माँगा तुमसे क्या है?
है मांगा ज़रा सा ही?
क्या ही? क्या हाय?
बस, जो खत लिखे थे तुमने, उन्हें पढ़ भी लो ज़रा
वादे किए थे जो भी, निभाओ ना ऐसे कभी
इन वादों की स्याही, अभी सूखी कहाँ?
है तुम्हारी ही लिखाई, या भूले हो यह भी?
कहने को "वाह-वाह तुम फिर से ईनाम हो जीते"
चेहरे पर मुस्कान पर आँखों हैं ख़ुश ना कहीं से
हमने कहा था "हम जाने तुमको तुमसे ज़्यादा"
शायद गलत थे पर इतना तो हमने है जाना
हर वो इनाम क़दर के बिना ही है वैसे
घर में पड़ी धूल खाते खिलौनों के जैसे
पल भर बहलाए पर दिल को ख़ुश ना कर पाये यूँ
घर बैठे लिखता था दिल की कहानी मेरी
चारों तरफ़ थी देवरें दीवानों से ही
कहता था "इक दिन जहाँ होगा हाथों में ही" (आ, आ)
जो था गुमनामों में, अब हो इनामों पे भी
क़ैदी है, क़ैदी ही है फिर भी दीवारों में ही
नामुमकिन ख़्वाब में नाखुश उड़ानें मेरी (आ, आ)