Jaam Woh Hai Jo Bhar Ke (Jhankar)
Nadeem, Shravan
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Lyrics
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
प्यार वो है जो आँखों से
झलकता है, झलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
प्यार वो है जो आँखों से
झलकता है, झलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
लहरों को कभी ना छुपा पायेगा समंदर
लहरों को कभी ना छुपा पायेगा समंदर
रौशनी कभी ना छुपेगी शमा के अन्दर
रौशनी कभी ना छुपेगी शमा के अन्दर
चेहरा खामोश आईने में उतर जाएगा
रंग खुशबु का हवाओ में बिखर जाएगा
हो बिखर जाएगा
फूल वो है जो खिल के
महकता है, महकता है
फूल वो है जो खिल के
महकता है, महकता है
प्यार वो है जो आँखों से
झलकता है, झलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
प्यार की चाहत की नई रौशनी दिखाने
प्यार की चाहत की नई रौशनी दिखाने
आया हूँ दिलो से मैं तो नफरतें मिटाने
आया हूँ दिलो से मैं तो नफरतें मिटाने
सारी दुनिया से हम तो दोस्ती निभाएंगे
प्यार का गीत सारी उम्र गुनगुनायेंगे
हो गुनगुनायेंगे
साज़ वो है जो नगमो पे
खनकता है, खनकता है
साज़ वो है जो नगमो पे
खनकता है, खनकता है
प्यार वो है जो आँखों से
झलकता है, झलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है
प्यार वो है जो आँखों से
झलकता है, झलकता है
जाम वो है जो भर के
छलकता है, छलकता है