Skip to content
Lyric
Dive
Public playlists
My playlists
Search
Sign in
Ram Anthem
Narci, Lakhbir Singh Lakkha, Swati Mishra, Priyanka Singh, Rasraj Ji Maharaj, Nikhil Verma, Krishna Chaturvedi, Abhilipsa Panda, Kishan Bhagat, Samarpit the band, Sonika Sharma Agarwal, Vickey Prasad, Vishnupriya Avi Ji
Popularity · Low
+
Original
0
0
Listen
YouTube
1
2
3
0:00 / 0:00
Loading YouTube player...
Lyrics offset
Synced
Lyrics
Original
Translation
Bilingual
वीरानों में हरियाली छाई
सूखे बन ने बरखा पाई
सूर्य के रथ से आए राम
सबके नायक राजा राम
जन सुखदायक राजा राम
फिर से अयोध्या आए मोरे राम
(राम-राम, सिया-राम-राम)
(राम-राम, सिया-राम-राम)
मंगल भवन, अमंगल हारी
द्रवहु सु दशरथ अजिर बिहारी
ओ, मंगल भवन, अमंगल हारी
द्रवहु सु दशरथ अजिर बिहारी
हरि अनंत, हरि कथा अनंता
कहहि सुनहि बहु बिधि सब संता
सीता राम चरित अति पावन
मधुर सरस और अति मनभावन
पुनि-पुनि कितनेहु सुने सुनाए
हिए की प्यास बुझत ना बुझाए
तुम हो अयोध्यापति रघुराई
तुम्हरे ही गुण सब जन गाई
तुम जग दाता, विश्व विधाता
तुम ही पिता, और तुम ही हो माता
बोलो, "राम, मेरे राम, सिया-राम"
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
दीप रखे थे जो चौखट पे
हाथों से घेर बचाए थे
भक्ति सुमन पे आस छिड़क के
कब से नैन बिछाए थे
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल गए हैं, राम आए हैं
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल गए हैं, राम आए हैं
राम आए हैं, आए हैं, राम आए हैं
राम आए हैं, आए हैं, राम आए हैं
तुम हो अयोध्यापति रघुराई
तुम्हरे ही गुण सब जन गाई
तुम जग दाता, विश्व विधाता
तुम ही पिता, और तुम ही हो माता
बोलो, "राम, मेरे राम, सिया-राम"
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
राम, राम, राम
सिया-राम, राम, राम
आज पधारे दिल के द्वारे राम-सिया के क़ौम
छवि बसी तिहारी दिल में, जैसे वन में गाँव
नैना ये अधीर मेरे हैं शबरी के ही जैसे
तारो तेरे प्राणी को, हे प्रभु, मिलने आओ
सेतु पे जिस पैर धरे, वो पत्थर ही बना दो
तिनके जैसा झोपड़ी में या मुझको सजा दो
धूल तेरे खड़ाउँ की ये माथे पे लगा दो
भोर प्रभु सा रंग किए मुझको तुम बना दो
दिल बना अयोध्या, राम मय आज मन
दिल के खुले द्वार, हुआ तीनों का ही आगमन
देखे छवि प्रभु की तो भरा मेरा घाव हर
रखे मैंने जान मेरी, प्रभु, तेरे पांव पर
नैना पुलकित, मन है हर्षित
राम राज्य में सब आनंदित
ग्रह, नक्षत्र, सब शुभ के भाव में
नभ, जल, थल में राम हैं शोभित
सब के अंदर एक शबरी है
ना कोई भेद है, ना कोई फेर है
सब की श्रद्धा भोग चखाऊँ
सब के हाथ में एक बेर है
राम, राम, राम, राम
जय हनुमान, प्रभु के रक्षक
तुम हनुमंता, राम समर्पित, अति बलवंता
राम दरबार की हनुमत शोभा
हनुमान सा कोई ना दूजा
हनुमत जब करते हैं कोई काम
पहले कहते, "जय श्री राम"
बाहुबली, तेरी अद्भुत शक्ति
राम पुजारी अतुलित भक्ति
जय हनुमान, जय-जय हनुमान
जय हनुमान, जय-जय हनुमान
जय हनुमान, जय-जय हनुमान
श्री रामचंद्र जी के दरबार में विभीषण ने ताना मारा
"हे बजरंगी, क्या तेरे मन में भी राम है?"
हनुमान जी ने राम जी का नाम लिया और सीना फाड़ डाला
ले देख, "जय श्री राम!"
श्री राम-जानकी बैठे हैं मेरे सीने में
श्री राम-जानकी बैठे हैं मेरे सीने में
देख लो मेरे दिल के नगीनें में
देख लो मेरे दिल के नगीनें में
श्री राम-जानकी बैठे हैं मेरे सीने में
हो, मंगल भवन, अमंगल हारी
द्रवहु सु दशरथ अजिर बिहारी
सीता राम चरित अति पावन
मधुर सरस और अति मनभावन
तुम हो अयोध्यापति रघुराई
तुम्हरे ही गुण सब जन गाई
तुम जग दाता, विश्व विधाता
तुम ही पिता और तुम ही हो माता
बोलो, "राम, मेरे राम, सिया-राम"
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम
हे राम, हे राम