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Haadse
vichaar
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Hmm, yeah
अंगारे जिगर में तो कसमें-वादे पिघलते
मैं ढूंढा उसे किल्लत में, मैं ढूंढा उसे ज़िल्लत में
नासमझ, नाराज़ी, जीती काफी बारी बाज़ी
फिर भी जा के ढूंढा उसको जब भी मिली मुझे शिकस्त है
प्यार समझ के माँगा कन्धा, विष थमा दिए
नासमझ मैं बंदा, सारे दुख जमा किए
नासमझ मैं बंदा, सारे सुख तभा किए
नासमझ मैं बंदा
ज़िन्दगी के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं
लगे काफी अरसे खुद को खोजने में
मुझसे मंज़िलों की बातें ना करना, मेरी जान
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
ज़िन्दगी के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते
लगे काफी अरसे खुद को खोजने में
मुझसे मंज़िलों की बातें ना करना, मेरी जान
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
मैं वो विचार जो मजबूर करूँ सोचने पे
मुझे दबाके ना तू रखना, जाऊंगा चोट देके
बिखरे हैं काफी बार पर खुद को हम जोड़ते गए
आदत ख़ामोशी की पर ये दिल करे शोर देख के
खुशबू और सूरत ऐसी की वो गई बस soul लेके
ना देखा मुड़के, तबसे बड़ा आगे सोच लेके
कि वरदान है मुझे मिला सीधा स्रोत से बे
कि वरदान है मुझे मिला
आज भी है याद जब अकेले रास्ते पे चल रहा सुनसान काफी
दाएं वाली जेब में था दम और बाएं में दवा थी
एक तीली माचिस से उजाला ना होता ज़रा भी
काले रंग की ये पर्त उजाले को छुपाती
धुंआ-धुंआ सब हो चूका, ज़हर अब बन चूका है साथी
मीठी धुन संगीत की ये कानो को लुभाती
अदृश्य ये बिमारी, अशांति को फैलाती
ना जानता वो कैसे ये इंसान को डुबाती
ज़िन्दगी के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं
लगे काफी अरसे खुद को खोजने में
मुझसे मंज़िलों की बातें ना करना, मेरी जान
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
ज़िन्दगी के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते
लगे काफी अरसे खुद को खोजने में
मुझसे मंज़िलों की बातें ना करना, मेरी जान
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
हादसे सितम दो तो फिर से किनारा काफी
झाँका अपने अंदर, दिखता गहरा गड्ढा काफी
शरीर पड़ता ढीला, रहती आत्मा खफा सी
लगे कि रक्त भरता माथा, आँखें भी बताती
अँधेरे में ख़ामोशी, लगता कानों में गुर्राती
कदम है डगमाते, याद है जेब में दवा थी
तारे ना टिम-टिमाते, रुक गई जैसे हवा थी
काले रंग की ये पर्त उजाले को छुपाती
दवा निकाली जेब से फिर होठों पर लगा दी
अकेले मुस्कुराए, सोचे मिल गई आज़ादी
हिला नहीं है हौंसला, ये कहके खुद से सलाह ली
घुमाया फिर से ढक्कन बोतल होठों से लगा ली, yeah
घुमाया फिर से ढक्कन बोतल होठों से लगा ली, ooh
ज़िन्दगी के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं
लगे काफी अरसे खुद को खोजने में
मुझसे मंज़िलों की बातें ना करना, मेरी जान
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
साथ छोड़ देते
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं
साथ छोड़ देते
क्यूंकि लोग राहों में ही साथ छोड़ देते
Yeah, ah, ha