Skip to content
Lyric
Dive
Public playlists
My playlists
Search
Sign in
Ye Jo Hans Rahi Hai Duniya at Jashn E Rekhta
Rahgir
Popularity · Low
+
Original
0
0
Listen
YouTube
1
2
3
0:00 / 0:00
Loading YouTube player...
Lyrics offset
Synced
Lyrics
Original
Translation
Bilingual
एक कच्चा घड़ा हूँ मैं
एक कच्चा घड़ा हूँ मैं
फिर भी बरसात में खड़ा हूँ मैं
बूंदे बेरहम हैं
उनको ये वहम है
कि मैं टूटे रहा हूँ
जो मैं चीख रहा हूँ
पर वो बेवकूफ हैं
मैं तो सीख रहा हूँ
ऐसे पहले भी लड़ा हूँ मैं
एक कच्चा घड़ा हूँ मैं
एक तो राहों में बबूल बहुत हैं
और उसके ऊपर से अपने उसूल बहुत हैं
एक तो राहों में बबूल बहुत हैं
उसके ऊपर से अपने उसूल बहुत हैं
और उसके ऊपर से सब टोकते रहते हैं
कि राहगीर भाई उधर जाओ उधर फूल बहुत हैं
ये जो खिसक-खिसक के मैं आगे जा रहा हूँ
ये जो फिसल-फिसल के मैं पीछे आ रहा हूँ
ये जो पिघल-पिघल के मैं बहता जा रहा हूँ
ये जो सिसक-सिसक के मैं आहें भर रहा हूँ
नीचे हैं खाइयाँ और मैं काँप रहा हूँ
पर ज़िंदा हूँ अभी, अभी हाँफ रहा हूँ
ऐसे पहले भी चढ़ा हूँ मैं
एक कच्चा घड़ा हूँ मैं
के हाथ में गिटार है और पीठ पे बस्ता है
हाथ में गिटार है और पीठ पे बस्ता है
जूतों में कंकड़ हैं और लंबा रस्ता है
और भाई जब बुरे दिन थे तो काँटों ने भी मजे लिए
जब बुरे दिन थे तो काँटों ने भी मजे लिए
अब महंगे जूतों से रौंद उनको राहगीर हँसता है
दिन सब के बदलते हैं
और भाई आती होगी लोगों को कॉफी और किताबों की याद
आती होगी लोगों को कॉफी और किताबों की याद
भाई मुझे तो पेड़ याद आते हैं जब सावन बरसता है
और ये कुछ लाइनें जो मुझे पता है कि हम
सबने कहीं ना कहीं ज़रूर महसूस की हैं
ये जो हँस रही है दुनिया मेरी नाकामियों पे
ताने कस रही है दुनिया मेरी नादानियों पे
पर मैं काम कर रहा हूँ मेरी सारी खामियों पे
कल ये मारेंगे तालियाँ मेरी कहानियों पे
कल जो बदलेगी हवा ये सारे शर्माएँगे
हमारे अपने हो कह के ये बाँहे गरमाएँगे
क्योंकि जिद्दी बड़ा हूँ मैं
एक कच्चा घड़ा हूँ मैं
और ये हम सबके लिए
और अगर दिल तक पहुँचता है तो तालियाँ बजाना
कि हम वो हैं जो किस्मत के चांटों के शोर पे नाचते हैं
कि हम वो हैं जो किस्मत के चांटों के शोर पे नाचते हैं
और जितनी ज़ोर का चांटा हम उतनी ज़ोर से नाचते हैं
Thank you