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Maiya Ji Ke Mandir Mein
Sonu Nigam
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🇮🇳 Hindi · Original
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माँगने वाला कुल जहाँ, देने वाली है एक माँ
(माँगने वाला कुल जहाँ, देने वाली है एक माँ)
मैया जी के मंदिर में आ के, भक्तों
दोनों हाथ अपने फैला के, भक्तों
आन-शान माँग लो, गुण-ज्ञान माँग लो
(आन-शान माँग लो, गुण-ज्ञान माँग लो)
नाम-दान माँग लो रे
सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को
(सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को)
हाँ, करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को
(करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को)
मैया जग जननी का हृदय विशाल है
(मैया जग जननी का हृदय विशाल है)
सबकी फ़िकर उसे, सबका ख़याल है
(सबकी फ़िकर उसे, सबका ख़याल है)
मैया जी के मंदिर में आ के, भक्तों
चरणों में शीश झुका के, भक्तों
कारोबार माँग लो, हीरे-हार माँग लो
(कारोबार माँग लो, हीरे-हार माँग लो)
अरे, कोठी-कार माँग लो रे
सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को, ओ
(सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को)
करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को
(करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को)
जयकारा शेरावाली दा
(बोल साँचे दरबार की जय)
शेरावाली मैया को मनाओ सच्चे मन से
(शेरावाली मैया को मनाओ सच्चे मन से)
मन को सुकून मिले भक्ति-भजन से
(मन को सुकून मिले भक्ति-भजन से)
मैया जी के मंदिर में आ के, भक्तों
ज्योत ज्योतोवाली की जगा के, भक्तों
पूजा-पाठ माँग लो, अरदास माँग लो
(पूजा-पाठ माँग लो, अरदास माँग लो)
माला साथ माँग लो रे
सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को
(सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को)
हाँ, करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को
(करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को)
अन्न-धन देने वाली माँ अन्नपूर्णा
(अन्न-धन देने वाली माँ अन्नपूर्णा)
भक्तों की सुनती पुकार है ज़रूर माँ
(भक्तों की सुनती पुकार है ज़रूर माँ)
ओ, मैया जी के मंदिर में आ के, भक्तों
फ़ानी झोली अपनी बिछा के, भक्तों
अन्न-धन माँग लो, सच्चा मन माँग लो
(अन्न-धन माँग लो, सच्चा मन माँग लो)
अच्छा तन माँग लो रे
सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को
(सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को)
करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को, ओ
(करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को)
सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को
(सब कुछ देगी मेरी माँ अपने भक्तों को)
हाँ, करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को
(करती नहीं कभी "ना" अपने भक्तों को)