Skip to content

Yahan Ke Hum Sikandar feat. Udit Narayan, Sadhana Sargam

Popularity · Low

YouTube

Searching YouTube...

Lyrics

वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है हारी बाज़ी को जीतना जिसे आता है निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके धरती डोलेगी ये क़दम चूमके हे, निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके धरती डोलेगी ये क़दम चूमके वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है जो सब करते हैं यारों, वो क्यूँ हम-तुम करें? यूँ ही कसरत करते-करते काहे को हम मरें? घरवालों से, टीचर से भला हम क्यूँ डरें? यहाँ के हम सिकंदर चाहे तो रख लें सबको अपनी जेब के अंदर अरे, हमसे बचके रहना, मेरी जान नहीं समझे हैं वो हमें, तो क्या जाता है? हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है ये गलियाँ अपनी, ये रस्ते अपने कौन आएगा अपने आगे? हे, राहों में हमसे टकराएगा जो हट जाएगा वो घबराके यहाँ के हम सिकंदर चाहे तो रख लें सबको अपनी जेब के अंदर अरे, हमसे पंगा मत लेना, मेरी जान नहीं समझे हैं वो हमें, तो क्या जाता है? हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है ये भोली-भाली मतवाली परियाँ जो हैं अब दौलत पे क़ुर्बां जब क़ीमत दिल की ये समझेंगी तो हम पे छिड़केंगी अपनी जान यहाँ के हम सिकंदर चाहें तो रख लें सबको अपनी जेब के अंदर अरे, हम भी हैं शहज़ादे गुलफाम नहीं समझे हैं वो हमें, तो क्या जाता है? हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके धरती डोलेगी ये क़दम चूमके हे, निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके धरती डोलेगी ये क़दम चूमके नहीं समझे हैं वो हमें, तो क्या जाता है?