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Long Way From Home
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🇮🇳 Hindi · Original
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किसी के पीछे नहीं चलना था
तो अपने ही रस्ते बना लिए
सस्ती ये दुनिया में आँखों ने
ख़्वाब मेरी थोड़े महँगे सजा लिए
आँखों पे चश्मे चढ़ा लिए
कि सब को दिखे चेहरा हँसता हुआ
रुकीं नहीं साँसें तो चल पड़ा फ़िर
और कंधों पे बस्ते उठा लिए
दुनिया घुमा रही है, मैं भी कमाल हूँ
देखो ना, घूमते जा रहा हूँ
कि टूटे ना हिम्मत, इसलिए तस्वीर को
माँ की मैं चूमते जा रहा हूँ
मिली ना मंज़िल तो चल पड़ा मंदिर को
सोचा, भगवान मिलेंगे
जो पहले से अंदर है मुझमें बसा हुआ
मैं उसको ही ढूँढते जा रहा हूँ
है घर का वो छोटा
जो कंधों पे ज़िम्मेदारी बड़ी लेके चला है
जब बैठा वो छाँव में
उतारे जूते, तब जाना, वो कितना चला है
वो तो बस जानता ये
कि करो भला तो बस होता भला
इतिहास गवाह है, जो बाँट के खाता
उसे ऊपरवाले से कम ही मिला है
घरवाले याद भी आते हैं
घर लौटूँ, ये बाप नहीं चाहते हैं
जब पेट हो भूखा तो बिस्तर पे
नींद तो आती, पर ख़्वाब नहीं आते हैं
चेहरे पे धूल लगी जिनके
आईने घर के वो साफ़ दिखाते हैं
पेट वो भरते हैं भूख से ज़्यादा
जो अक्सर माँग के खाते हैं
टूटा है दिल, टूटा हूँ मैं
पर फ़िर भी सब रोज़ सँभाला है
कुछ-ना-कुछ कम ही पड़ा है
जब से ज़िंदगी में होश सँभाला है
लिखी है ऊपरवाले ने
ज़िंदगी है या मौत की सज़ा?
मौत ही होगी शायद
क्योंकि क़लम को अपनी
वो तोड़ने वाला है
लागत नाही परदेसी मन मोरा
हर मोड़ चला, घरौंदा ना मिला
कागा, तू जा रे देस पराए
मोरे सपनों का संदेसा ले जा
कागा, तू जा रे देस पराए
मोरे सपनों का संदेसा ले जा
(मोरे सपनों का संदेसा ले जा)
एक आवै नीम की डाळी मेरे सुपणे म्ह
एक घेर पड़्या कत्ती खाली मेरे सुपणे म्ह
एक अरहड़ भरी trolley मेरे सुपणे म्ह
सरसों के फूल की बाळी मेरे सुपणे म्ह
एक चूल्हे आगै पो-ती माँ
वा स्वाद हाथ की रोटी का
एक कोल्हू आळा खेत मेरा
मिलगे दस, खोग्या एक मेरा
एक सूरज छुपता, खेत जगेश्वर वाळे म्ह
एक डिबिया की लौ जळती दिखै आळे म्ह
वे धरी पाँम की, कळी काठ के ताळे म्ह
फिर फँसग्या बचपन चका-चौंध के जाळे म्ह
बेशक, कब्जे म्ह जंग लगी
एक खुला आज भी कुवाड़ पड़ा
एक चरखा खा लिया दीमक नै
पर देखे मेरी बाट खड़्या
एक रोवै बाजा "हीर, हीर" चिल्लावै है
अर time की सुई तीर से तोड़े जावै है
मेरा मण दरिया म्ह डूबा घड़वा सोहणी का
मेरा घर पारो-सा, देवदास किल्लावै है
रै, काया खा ली दीमक नै, बचा कुछ धोरै ना मेरे
ओ, कागा, सुणता जइयो रे, (ओ, कागा), सुणता जइयो रे
रै, काया खा ली दीमक नै, बचा कुछ पल्लै ना मेरे
तू, कागा, सुणता जइयो रे, ओ, कागा, सुणता जइयो रे