Aarambh Hai Prachand
Padharo Beats
Popularity · Low
Listen
YouTube
0:00 / 0:00
Loading YouTube player...
Lyrics offset
Synced
Lyrics
ये नपुंसकता तुम्हें शोभा नहीं देती
युद्ध करना तुम्हारा कर्तव्य है पार्थ
शस्त्र उठाओ
आरंभ है प्रचंड
बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बान शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो
मन करे सो प्राण दे
जो मन करे सो प्राण ले
वही तो एक सर्वशक्तिमान है
मन करे सो प्राण दे
जो मन करे सो प्राण ले
वही तो एक सर्वशक्तिमान है
कृष्ण की पुकार है
ये भागवत का सार है
कि युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है
कौरवों की भीड़ हो
या पांडवों का नीड़ हो
जो लड़ सका है वही तो महान है
जीत की हवस नहीं
किसी पे कोई वश नहीं
क्या जिंदगी है ठोकरों पे मार दो
मौत अंत है नहीं
तो मौत से भी क्यों डरें
ये जा के आसमान में दहाड़ दो
आरंभ है प्रचंड
बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बान शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो
हो दया का भाव
या कि शौर्य का चुनाव
या कि हार का वो घाव
तुम ये सोच लो
हो दया का भाव
या कि शौर्य का चुनाव
या कि हार का वो घाव
तुम ये सोच लो
या कि पूरे भाल पर जला रहे विजय का लाल
लाल ये गुलाल तुम ये सोच लो
रंग केसरी हो या मृदंग केसरी हो
या कि केसरी हो ताल तुम ये सोच लो
जिस कवि की कल्पना में जिंदगी हो प्रेम गीत
उस कवि को आज तुम नकार दो
भीगती नसों में आज
फूलती रगों में आज
आग की लपट का तुम बगाड़ दो
आरंभ है प्रचंड
बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बान शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो